कुलभूषण जाधव मामले पे मिली भारत को दमदार जीत

कुलभूषण जाधव का मामला इंटरनेशनल कोर्ट में पेश किया गया, इस मामले में दोनों देशों ने अपना अपना पक्ष रखा । इसमे भारत की तरफ से अपना पक्ष हरीश साल्वे साहब रख रहे थे, जिनके बारे में कहा जाता है कि ये एक दिन की फीस ₹30 लाख  है। परंतु इन्होंने मात्र ₹1 में यह केस लड़ा।
ये वही हरीश साल्वे है जो सन 2007 में याक़ूब मेमन के पक्षकार थे और फिर मामला जब सर्वोच्च न्यायालय में गया तो वो उनके फांसी के फैसले से सहमत नही थे।
तब उन्हें बड़ी आलोचनाओ का सामना करना पड़ा था। यह तक कि लोगो ने देशद्रोही भी कहा था।
मेरा सवाल बस इतना है कि आखिर क्या किसी की देशभक्ति और देशद्रोहिता का फैसला लोग सड़कों पर कर देंगे ?
कुलभूषण मामले पर हमारे भारतवर्ष की विजय हुई। जीत हमेशा सत्य की होती है भले ही उसमे कुछ समय लग जाये।
इन चीज़ों से लगता है कि दुनिया मे आज भी सही और ग़लत का फैसला करने वाले है मौजूद है।
जय हिंद
दानिश अलमदार

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