इतिहास के साक्ष्यो के साथ छेड़छाड़ अपराधः श्री ह्रदय नारायण दिक्षित

आज दैनिक जागरण में श्री ह्रदय नारायण दीक्षित का एक लेख छपा है जिसमे उन्होंने बाबरी मस्जिद एवं राम जन्मभूमि के सन्दर्भ में इतिहास का हवाला देते हुए लिखा है कि इतिहास और पुरातात्विक साक्ष्यो के साथ छेड़छाड़ अपराध है । श्री ह्रदय नारायण दीक्षित वर्त्तमान में उन्नाव जनपद के भगवत नगर विधानसभा से विधायक है और विधानसभा स्पीकर पद के लिए भी उनका नाम ज़ोरोशोर से चल रहा है। श्री दीक्षित ने जिस सन्दर्भ मेये बात लिखी है उसमें इन्होंने कुछ किताबो का ज़िक्र भी किया है और इस बात पर ज़ोर दिया है कि ऐतिहासिक  प्रमाणिक्ताओ को विलोपित करना अपराध है। मैं इस बात का समर्थन करते हुए उनसे पूछना चाहता हु की अजमेर का किला जिसे अकबर ने बनवाया था उसका नाम परिवर्तित करना अपराध की किस श्रेणी में आता है? मोहल्लो व् शहरो का नाम बदलना  जैसे गोरखपुर के अलीनगर को आर्यनगर, उर्दू बाजार को हिंदी बाजार और मियाबाज़ार को मायाबाज़ार में बदलने को आप किस श्रेणी में रखते है?  भारत गंगा जमुनी संस्कृति का राष्ट्र है हमारा देश अनेकता में एकता के सूत्र से बंधा हुआ है। इस देश का सर्व धर्म समभाव मूल मन्त्र है। भारत में कोई एक विशेष विचारधारा नही चल सकती है । इसलिए इसके तानेबाने के साथ छेड़छाड़ न किया जाये तो बेहतर होगा।
असलम नक़वी

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